📌 2024 से फैला रहा था दहशत
जानकारी के मुताबिक, यह तेंदुआ 2024 की शुरुआत से अब तक इलाके में 6 हमले कर चुका था। तेंदुए के हमलों में कई ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुए, वहीं कुछ बच्चों की जान भी चली गई।
ग्रामीणों में तेंदुए की दहशत इतनी थी कि लोग शाम होते ही घरों में कैद हो जाते थे और जंगल के आसपास जाने से डरते थे।
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📌 वन विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन
तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने इलाके में कई जगह पिंजरे और कैमरा ट्रैप लगाए थे। बीती रात तेंदुआ दुधावा क्षेत्र के आछी डोंगरी इलाके में लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया।
तेंदुए को पकड़ने के बाद वन अमले ने उसे सुरक्षित जंगल क्षेत्र में शिफ्ट करने की तैयारी शुरू कर दी है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए का मेडिकल चेकअप किया जाएगा, जिसके बाद उसके स्थानांतरण पर फैसला होगा।
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📌 ग्रामीणों में राहत का माहौल तेंदुए के पकड़े जाने की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम का आभार जताया और राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब बच्चों को स्कूल भेजने और शाम के वक्त खेत-खलिहान जाने में डर नहीं लगेगा। --
"दहशत का अंत : कांकेर के आछी डोंगरी में आदमखोर तेंदुआ पिंजरे में कैद"




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