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अनलॉक होती राजधानी / लक्ष्मण झूला फिर गुलजार, अब शाम को ही घूम सकेंगे, माइक से समझा रहे सेफ्टी रूल

पहले यहां रोज औसतन 1200 लोग पहुंचते थे, साढ़े तीन महीने बाद पहले ही दिन महज 4 घंटे में आए 580 पर्यटक, नाव की भी सैर की

रायपुर. लगभग साढ़े तीन महीने बाद महादेव घाट पर बने लक्ष्मण झूले की राैनक फिर लाैट आई है। बोटिंग शुरू होने के साथ ही झूला भी पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। संक्रमण काे ध्यान में रखकर यहां कई बदलाव किए गए हैं। सुबह-शाम दो पाली में खुलने वाला झूला अब सिर्फ शाम को ही लोगों के लिए खोला जाएगा। पहले झूला सुबह 5.30 से 9 बजे और दोपहर 3 से रात 8 बजे तक ओपन रहता था। अब ये दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक ही खुला रहेगा। शाम को भी पहले की तुलना में एक घंटे कम समय मिलेगा। शनिवार को लक्ष्मण झूला खुलने की बात फैलते ही लाेग यहां पहुंचने लगे और आसमानी ऊंचाई पर खड़े होकर पानी से लबालब खारुन नदी को निहारते नजर अाए। लगभग 110 दिन बाद नई शुरुआत हुई तो नाविक भी अपनी नाव फूलों से सजाकर पहुंचे। लोगों ने नाव की सवारी का भी लुत्फ उठाया। पहले महादेवघाट में सुबह-शाम औसतन 1200 लोग पहुंचते थे। लॉकडाउन के बाद पहले ही दिन यहां 580 पर्यटक पहुंचे।

  • 6 करोड़ से बना ये सस्पेंशन ब्रिज 152 मीटर लंबा और साढ़े तीन मीटर चौड़ा है। इस पर चलते हुए झूले पर चलने का अहसास होता है। 
  • सुरक्षा के तौर पर यहां हर 10 मिनट में कोरोना संक्रमण से बचने की गाइडलाइन माइक से अनाउंस की जा रही है। एंट्री गेट के पास पोस्टर पर भी नियम लिखे गए हैं। 
  • लोगों को दूरी बनाकर झूले पर चलने, मास्क पहनने, ग्रुप में खड़े हाेकर सेल्फी न लेने, किसी भी चीज को न छूने की सख्त हिदायत दे रहे हैं। सिक्याेरिटी गार्ड भी लाेगाें काे नियम मानने के लिए जागरूक कर रहे हैं। 
  • लक्ष्मण झूले के एंट्री गेट के पास फुट कंट्रोल्ड सैनिटाइजर रखा गया है, जिससे कोई भी व्यक्ति हैंड सैनिटाइज कर सकता है।

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